Posts

आत्मचेतना से सौंदर्य एवं संस्कृति के सजीव चित्रण की सिद्धहस्त चित्रकार विनीता शर्मा

Image
कला मूर्त हो या अमूर्त सौंदर्यात्मक अभिव्यक्ति ने चित्रकार के काल्पनिक विचार, रेखांकन की लय और भावों का गहराई से संप्रेषण ही चित्रित चित्र मे चित्रकार की अभिव्यक्ति को सार्थक और सजीव बनती है।  चित्र में भाव की प्रधानता और लयात्मकता रेखांकन को दर्शाने के लिए साधना करनी पड़ती है वर्षो तक, तब कहीं जाकर चित्रकार उस स्तर को छू पाता है कि उसको प्रतिष्ठित चित्रकार के रूप में देखा जाएं । गुलाबी नगरी जयपुर की चित्रकार "विनीता शर्मा" भी एक ऐसी ही चित्रकार है जिन्होंने अपनी हर मुश्किल को किनारा दिखते हुए हर परिस्थिति में सृजनरत रहते हुए आज भी निरंतर चित्रण कर रही है। यूं तो हर क्षेत्र में उत्तम कार्य करने के लिए स्वास्थ्य बहुत बड़ा सहायक होता है, लेकिन कुछ लोग अपने दृढ़ संकल्प से इन समस्याओं को नियंत्रित कर अपना कार्य करते है तो वह निश्चित ही कुछ अलग रूप लेते है। चित्रकार विनीता शर्मा से मेरा परिचय 2018 में हुआ, पारिवारिक पृष्ठभूमि भी इसका कारण बनी साथ ही कलावृत्त की गतिविधियां भी। इसके उपरांत कोरोना काल में कलावृत्त द्वारा आयोजित "समसामयिक लघु चित्रण की ऑनलाइन कार्यशाला में भाग ल...

ठाकुर संग्रामसिंह 'राष्ट्रवर' द्वारा श्रीराम के जीवन पर रचित अनूठे महाकाव्य "दाशरथि" का लोकार्पण : संदीप सुमहेन्द्र

Image
"दाशरथि "   ■  राम के जीवन चरित पर  अनूठा महाकाव्य  ■ आसान नहीं है, पूर्वजों के अधूरे कार्यों को 45-50 वर्षों उपरांत नई पीढ़ी में कोई ऐसा संस्कारी जन्मे जो अपने पूर्वजों द्वारा किए गए कार्यों की महत्ता के साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझे और उसे आगे बढ़ाने में जी-जान लगा के जुटे और पूरा करें। राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट में मेरे साथ एक वर्ष के अंतराल में चित्रकला विषय में मुझसे एक वर्ष पूर्व अपना डिप्लोमा पूर्ण कर दूरदर्शन केंद्र में अपनी सेवाएं देते हुए कुछ समय पूर्व ही सेवानिवृत्त होने के उपरांत मित्र बृजराज राजावत ने यह अकल्पनीय कार्य करते हुए इस महाकाव्य के चित्र भी स्वयं की कलम से चित्रित कर अपने नानोसा के स्वप्न को पूरा किया। तत्कालीन किशनगढ़ स्टेट (वर्तमान में केकड़ी ज़िले) के सापणदा निवासी ठाकुर संग्रामसिंह 'राष्ट्रवर' ने छोटे-से गाँव में रहकर लगभग आधी सदी पूर्व रामकथा पर महाकाव्य 'दाशरथि' का सृजन आरंभ किया। ठाकुर साहब तो 30 वर्ष पूर्व परलोक सिधार गए, उनके रहते हुए यह महाकाव्य प्रकाशित नहीं हो पाया था। बरसों बाद, अपने नानोसा की प्रेरणा से चित्रकार बृजराज र...

बीकानेर के 20 चित्रकारों ने "स्थापना दिवस" पर अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति को चित्रित किया : संदीप सुमहेन्द्र

Image
बीकानेर के चित्रकार योगेन्द्र पुरोहित से मुझे  आज   इस कला शिविर के बारे में जानकारी मिली। चर्चा करते हुए योगेन्द्र ने बताया कि     "बीकानेर के स्थापना दिवस"  के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला में लोक संस्कृति की संगरक्षक समिति के संयोजक श्री कृष्ण चंद्र पुरोहित ने मुझे भी बतौर चित्रकार आमंत्रित किया । नगर थरपणा उछब समिति बीकानेर के स्थापना दिवस एवं अक्षय तृतीय (आखातीज) के उपलक्ष में प्रतिवर्ष लोक सांस्कृतिक समारोह का आयोजन तीन से पांच दिनों के लिए वर्षो से आयोजित करती है। इसी क्रम में इस वर्ष भी बीकानेर के स्थापना दिवस के अवसर पर यह समिति बीकानेर की लोक संस्कृति के साथ चित्रकारों के चित्रों की चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित करने जा रही है आगामी 3 से 5 मई, 2024 को नालन्दा पब्लिक स्कूल में यह प्रदर्शनी की जा रही है।  समारोह से पूर्व संयोजक श्री कृष्ण चंद्र पुरोहित और चित्रकार मुकेश जोशी सांचिहर के संयोजन में पांच दिवसीय चित्रकारी की कार्यशाला का आयोजन भी रखा गया है। जिसमे बीकानेर की लोक सांस्कृति और स्थापना दिवस का प्रतिक चंदा (गोल आकार की उड़ने वाली वास्तविक पत...

76 महिला चित्रकारों ने राजस्थान के किले, महल और हवेलियों को चित्रित किया - तृतीय भाग : संदीप सुमहेन्द्र

Image
राज्य की कला संस्था विनीता आर्ट्स एवं आर्ट ट्यून के संयुक्त तत्वावधान में "विश्व धरोहर दिवस" के अवसर पर देशभर की महिला चित्रकारों द्वारा चित्रित पेंटिंग्स की प्रदर्शनी आयोजित की गई जिसे नाम दिया गया "वीमन आर्ट ऑरा-6" जवाहर कला केन्द्र की सुकृति कला दीर्घा में 13 अप्रैल, 2024 को आरंभ हुई और 14 अप्रैल को संपन्न हुई। प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन हिमांशु गौतम, प्रधान सेवक, त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभोर द्वारा किया गया। साथ ही कुछ महिला चित्रकारों ने द्वारा लाइव पेंटिंग और म्यूजिक द्वारा आगंतुओं एवं कला प्रेमियों को देर तक प्रदर्शनी में बांधे रखा। इस विशेष परफॉर्मेंस में गीतांजलि कोठरी, विक्रम सिंह शेखावत, लक्ष्मी गजराज, पूजा भार्गव, हर्षा गुप्ता एवं पूजा भारद्वाज, संजय सिंह की खूब सराहना हुई। प्रदर्शनी की आयोजक एवं संचालिका विनीता प्रजापति ने बताया कि राजस्थान की धरोहरों की खूबसूरती को दिखाने के साथ इन्हें संरक्षित करने के उद्देश्य से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, इसमें चित्रकारों ने पेंटिंग, स्कल्पचर, फोटोग्राफ्स और इंस्टालेशन को प्रदर्शित किया साथ ही कुछ चित्रकारो...

76 महिला चित्रकारों ने राजस्थान के किले, महल और हवेलियों को चित्रित किया - द्वितीय भाग : संदीप सुमहेन्द्र

Image
राज्य की कला संस्था विनीता आर्ट्स एवं आर्ट ट्यून के संयुक्त तत्वावधान में विश्व धरोहर दिवस पर आयोजित हुई "वीमन आर्ट ऑरा-6" द्वारा अदभुद चित्र प्रदर्शनी में प्रतिभागी चित्रकारों द्वारा लाइव म्यूजिक द्वारा आगंतुओं एवं कला प्रेमियों को देर तक प्रदर्शनी में बांधे रखा। इस परफॉर्मेंस में विक्रम सिंह शेखावत, लक्ष्मी गजराज, पूजा भार्गव, हर्षा गुप्ता एवं पूजा भारद्वाज ने खूब तालियां बटोरी। जवाहर कला केन्द्र की सुकृति कला दीर्घा में 13 अप्रैल, 2024 को आरंभ हुई और 14 अप्रैल को संपन्न हुई। प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन हिमांशु गौतम, प्रधान सेवक, त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभोर द्वारा किया गया। इस प्रदर्शनी की आयोजक एवं संचालिका विनीता प्रजापति ने बताया कि राजस्थान की धरोहरों की खूबसूरती को दिखाने और संरक्षित करने के उद्देश्य से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, इसमें चित्रकारों ने पेंटिंग, स्कल्पचर, फोटोग्राफ्स और इंस्टालेशन को प्रदर्शित किया साथ ही कुछ चित्रकारों ने लाइव पेंटिंग का डेमो भी दिया। मेरे आग्रह पर जेकेके के स्थापना दिवस के उपलक्ष में आयोजित प्रदर्शनी जिसमें "जेकेके द्वारा ...