विख्यात कलाविद् अखिलेश निगम ने कला विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव सांझा किए : संदीप सुमहेन्द्र

 • एस एस जे परिसर 
(पूर्व में कुमायूं विश्वविद्यालय) पहुंचने 
पर हुआ स्वागत

• कला विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन

विख्यात कलाकार, कला-लेखक अखिलेश निगम शुक्रवार, 6 अप्रैल, 2024 को अल्मोड़ा के एस.एस.जे विश्वविद्यालय के स्थानीय परिसर पहुंचे। जहां दृश्यकला संकाय एवं चित्रकला विभाग की ओर से उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर श्री निगम ने जहां अपने कला जीवन के अनुभव सांझा किए, वहीं कला विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी किया।

विभागाध्यक्ष प्रो. शेखर चन्द्र जोशी व अन्य साथियों ने उनका स्वागत किया। प्रो. जोशी ने बताया कि अखिलेश निगम जी देश में कला समीक्षक व इतिहासकार के तौर पर अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। राष्ट्रीय ललित कला अकादेमी के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय केन्द्र के सचिव रहने सहित वे भोपाल स्थित भारत भवन,नई दिल्ली की राष्ट्रीय ललित कला अकादेमी, लखनऊ की उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी आदि में कई महत्वपूर्ण पदों का दायित्व निभा चुके हैं। वर्तमान में ये कला-क्षेत्र में बतौर सलाहकार, आलोचक एवं समीक्षक के रूप में सक्रिय हैं।

अपने भव्य स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए श्री निगम ने अपने संबोधन में 'दृश्य कला एवं रोजगार' विषय पर छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए जानकारियां दीं।वहीं उत्तराखंड मूल के चित्रकार पद्मश्री रणवीर सिंह बिष्ट के साथ लखनऊ में रही अपनी निकटता को भी सांझा किया।

श्री निगम ने आगे कहा कि - कलाकार का जीवन सरल व उल्लासपूर्ण होंना चाहिए। जबकि मंजिल पाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने पर उन्होंने बल दिया। श्री निगम ने शांति निकेतन संस्थान के साथ बंगाल स्कूल से प्रस्फुटित वाश चित्रण शैली के विस्तार एवं संबंध में भी तकनीकी जानकारियां विद्यार्थियों को प्रदान की।


इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. शेखर चन्द्र जोशी ने अपनी नवप्रकाशित पुस्तक "संवाद एवं सृजन" की प्रथम प्रति निगम जी को भेंट करते हुए कहा कि - 'इसे लिखने की प्रेरणा उन्हें निगम जी से ही प्राप्त हुई थी, जिसके लिखने में उनका बड़ा योगदान रहा है।

आयोजन का समापन वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. सोनू द्विवेदी के धन्यवाद ज्ञापन कर किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं सहित वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. संजीव आर्य, डॉ. सागर सिंह भैंसोड़ा, कौशल कुमार, पूरन सिंह, जीवन चन्द्र जोशी, संतोष सिंह मेर, सुश्री सारिका एवं नेहा मिरम्वाल, श्याम कुमार गुप्ता आदि भी उपस्थित रहे।

संदीप सुमहेन्द्र

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