Posts

76 महिला चित्रकारों ने राजस्थान के किले, महल और हवेलियों को चित्रित किया - द्वितीय भाग : संदीप सुमहेन्द्र

Image
राज्य की कला संस्था विनीता आर्ट्स एवं आर्ट ट्यून के संयुक्त तत्वावधान में विश्व धरोहर दिवस पर आयोजित हुई "वीमन आर्ट ऑरा-6" द्वारा अदभुद चित्र प्रदर्शनी में प्रतिभागी चित्रकारों द्वारा लाइव म्यूजिक द्वारा आगंतुओं एवं कला प्रेमियों को देर तक प्रदर्शनी में बांधे रखा। इस परफॉर्मेंस में विक्रम सिंह शेखावत, लक्ष्मी गजराज, पूजा भार्गव, हर्षा गुप्ता एवं पूजा भारद्वाज ने खूब तालियां बटोरी। जवाहर कला केन्द्र की सुकृति कला दीर्घा में 13 अप्रैल, 2024 को आरंभ हुई और 14 अप्रैल को संपन्न हुई। प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन हिमांशु गौतम, प्रधान सेवक, त्रिनेत्र गणेश मंदिर, रणथंभोर द्वारा किया गया। इस प्रदर्शनी की आयोजक एवं संचालिका विनीता प्रजापति ने बताया कि राजस्थान की धरोहरों की खूबसूरती को दिखाने और संरक्षित करने के उद्देश्य से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, इसमें चित्रकारों ने पेंटिंग, स्कल्पचर, फोटोग्राफ्स और इंस्टालेशन को प्रदर्शित किया साथ ही कुछ चित्रकारों ने लाइव पेंटिंग का डेमो भी दिया। मेरे आग्रह पर जेकेके के स्थापना दिवस के उपलक्ष में आयोजित प्रदर्शनी जिसमें "जेकेके द्वारा ...

वनस्थली विद्यापीठ "डिजाइन शो-केस_2024" वार्षिक प्रदर्शनी : संदीप सुमहेन्द्र

Image
महिला शिक्षा में श्रेष्ठ और विशेष स्थान रखने वाली देश की प्रसिद्ध विश्वविद्यालय "वनस्थली विद्यापीठ के डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन एवं स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर द्वारा वार्षिक प्रदर्शनी का जवाहर कला केन्द्र में की सुकृति कला दीर्घा में सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन जयपुर के प्रख्यात कलाकार प्रो. चिन्मय मेहता , "अनन्ताया" की मैनेजिंग डायरेक्टर एवं प्रसिद्ध आर्किटेक्ट श्रीमती गीतांजलि कासलीवाल, नवोदय विद्यालय समिति, जयपुर सम्भाग के डिप्टी कमिश्नर श्रीमान एस.के. माहेश्वरी तथा जवाहर कला केन्द्र की एडिशनल डायरेक्टर सुश्री प्रियंका जोधावत द्वारा किया गया। छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो. मेहता जी ने कहा की गाँधीवादी आदर्शो को साकार करती महिलाओं के लिये देश की सबसे नायाब संस्था वनस्थली विद्यापीठ की विश्वभर में अपनी अलग पहचान है। मैं इस विद्यापीठ में 60 के दशक से वहाँ आता जाता रहा हूँ। पहले गांव के सादे परिवेश में उच्च शिक्षा का एक आकर्षक प्रतिष्ठान सभी को मोहता था। विज्ञान व तकीनीक की इस बदली सदी से कदम मिलाकर आज वनस्थली (बहु विधायी विश्वविद्यालय के रूप में) उच्च ...

76 महिलाओं ने राजस्थान के किले, महल और हवेलियों को चित्रित किया : संदीप सुमहेन्द्र

Image
विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर 'वीमन आर्ट ऑरा-6' द्वारा दो दिवसीय प्रदर्शनी का सार्थक आयोजन हुआ।  इस बहुउद्देशीय प्रदर्शनी  का  आयोजन करते हुए विनीता  प्रजापति  ने  सफलता पूर्वक संचालन किया। जिसके लिए निसंदेह वें प्रसंशा की पात्र है। प्रतिभागी कलाकारों एवं कला प्रेमियों के लिए प्रदर्शनी को और अधिक रोचक बनाने के लिए कुछ चित्रकारों ने लाइव म्यूजिक परफॉर्मेंस से सभी कला प्रेमियों का मन मोह लिया।  इस परफॉर्मेंस में विक्रम सिंह शेखावत, लक्ष्मी गजराज, पूजा भारद्वाज,  गीतांजलि कोठारी  , हर्षा गुप्ता, पूजा भार्गव ,  संजय शर्मा  आदि ने खूब तालियां बटोरी। जयपुर के जवाहर कला केन्द्र की सुकृति कला दीर्घा में वर्ल्ड हेरिटेज डे के मौके पर महिला कलाकारों ने कैनवास पर राजस्थान के मॉन्यूमेंट्स को चित्रित कर अपने टैलेंट का दमखम दिखाया। मौका था विनिता आर्ट्स एंड आर्ट ट्यून के संयुक्त तत्वावधान में इस दो दिवसीय पेंटिंग एग्जीबिशन 'वीमन आर्ट ऑरा-6' के उद्घाटन समारोह उपरांत शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि, त्रिनेत्र गणेश मन्दिर ट्रस्ट, सवाई माधोपुर के प्रधान सेवक ...

त्रिनेत्र गणेश के सानिध्य में कला शिविर एवं रणथंबोर के इतिहास पर सार्थक चर्चा : संदीप सुमहेन्द्र

Image
त्रिनेत्र गणेश मंदिर ट्रस्ट द्वारा 4 व 5 अप्रैल, शुक्रवार 2024 को होटल नेशनल रिसोर्ट, रणथंबोर रोड़, सवाईमाधोपुर में "धार्मिक चौपाल" में बुद्धि, कला, वाणी, विद्या के साथ धर्म व कर्म की समागम चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। हिन्दू धर्म में ऐसा माना जाता है कि "शाश्वत" धर्म, कला, बुद्धि, ज्ञान और वाणी के समागम से ही लक्ष्मी मां का आगमन होता है। इस शिविर में मेरी उपस्तिथि बहुत ही सुखद और आनंददायक रही इसके लिए आयोजकों में सर्वश्री महंत बृजकिशोर दाधीच जी, महंत संजय दाधीच जी, महंत उतराधिकारी निकुंज दाधीच एवं प्रधान सेवक हिमांशु गौतम जी का बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद। धर्म गुरुओं एवं इतिहासकारों द्वारा रणथंबोर के किले, त्रिनेत्र गणेश जी एवं मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ साथ रणथंबोर नेशनल पार्क में भ्रमण करना और हमारी गाड़ी के साथ साथ कुछ ही दूरी पर बारिश में भीगते हुए बाघिन सुल्ताना का चलना, और बार बार हमारी और देखना भी विस्मृत कर देनेवाला दृश्य था, उसका हमारी और चेहरा घूमते ही लगता था कि उसे अपने घर में हमारी उपस्तिथि अच्छी नहीं लग रही, निसंदेह यह उसकी स्वतंत्रत...